भारत के २०२७ केरौ जनगणना, जे १६मा भारतीय जनगणना छेकै, क दू चरण मँ करै केरौ योजना छै: एगो घर-घर के गिनती केरौ चरण आरू दोसरौ जनसंख्या के गिनती केरौ चरण। हालांकि शुरू मँ घर-घर के गिनती अप्रैल २०२० मँ राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के अपडेट केरौ साथे शुरू होय वाला छेलै, आरू जनसंख्या के गिनती ९ फरवरी २०२१ क, मगर ई लगातार टाललो जाय रहलौ छै। ई राष्ट्रीय जनगणना अपनौ मूल २०२१ केरौ शेड्यूल सँ ढेरौ देरी के बाद, अब १ मार्च, २०२७ क शुरू होय लेली तय करलो गेलौ छै। ई १६मा जनगणना मँ १९३१ के बाद पहलौ दाफी जाति के गिनती (जाति जनगणना) करलो जैतै। कुछ क्षेत्र, जेना कि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश आरू उत्तराखंड, मँ जनगणना १ अक्टूबर, २०२६ सँ पहिने ही शुरू होय जैतै। ई जनगणना के उम्मीद छै कि ई २०२९ केरौ आम चुनाव लेली लोकसभा केरौ सीट के पुनर्वितरण (delimitation exercise केरौ हिस्सा के रूप मँ) केरौ आधार बनतै। विस्तार सँ...
मंदार पहाड़ भागलपुर सँ ४८ किलोमीटर के दूरी प छै,जे कि अबै बाँका जिला मँ स्थित छै। ऐकरो उंचाई ८०० फीट छै । ऐकरा संबंध मँ कहलौ जाय छै कि ऐकरौ प्रयोग सागर मंथन मँ करलौ गेलौ छेलै । किंवदंती सब के अनुसार ई पहाड़ी के चारों तरफ सँ आय भी शेषनाग के चेन्हौ क देखलौ जाबअ सकै छै । जेकरा कि ऐकरा चारों ओर बांधी क॑ समुद्र मंथन करलो गेलो छेलै, कालीदास के कुमारसंभवम म॑ पहाड़ी प॑ भगवान विष्णु के पदचिन्ह के बारे में बतैलोऽ गेलोऽ छै, ई पहाड़ी प॑ हिन्दू देवी देवता के भी मंदिर छै,ई मानलो जाय छै कि जैन के १२वां तीर्थंकर न॑ ई पहाड़ी प॑ निर्वान क॑ प्राप्त करने छेलै, लेकिन मंदार पर्वत के सबसे बड़ो॔ विशेषता ऐकरा चोटी प॑ स्थित झील छै, ऐकरा देखै लिली दुर-दुर स॑ लोग आबै छै, पहाड़ी के ठीक नीचे॑ऽ ऐगो पापहरनी तलाब छै, ई तलाब के बीच म॑ ऐगो विश्रु मंदिर ई द्रिश्य क॑ बहुत सुंदर बनाय छै, यहां जाय बास्ते॑ भागलपुर स॑ बस आरु रेल सुविधा उपलब्ध छै।(विस्तार सँ पढ़ौ...)
... कि १४९ साल स॑ लापता स्कीनर एफ. जे. किंग क॑ २०२५ म॑ मात्र दू घंटा केरऽ खोज के बाद पाबी लेलऽ गेलै?
... कि आना रोश, जे तीन मिशेलिन स्टार पाबै वाला पहलऽ स्लोवेनियाई रेस्टोरेंट केरऽ मुख्य शेफ छै, ओकरा लगाँ कोय औपचारिक पाक कला केरऽ प्रशिक्षण नै छै?
... कि कास्र बशीर क॑ पढ़ै वाला पुरातत्वविद रोमन सीमा किला के बीच संदेशऽ के यात्रा के तरीका क॑ जांचै लेली धुआँ संकेत, ऐना आरू मशाल केरऽ उपयोग करन॑ छेलै?
... कि व्योमिंग पीबीएस राज्य के तेईस जिला म॑ स॑ मात्र पाँच म॑ ही सैटेलाइट-टेलीविजन, ग्राहकऽ क॑ मिलै छै?
... कि कॉलिंग मिस्टर स्मिथ, जे दोसरका विश्व युद्ध के समय केरऽ पोलिश फिल्म छेलै आरू नाजी जर्मनी केरऽ अत्याचार पर बनलऽ छेलै, ओकरा यूके (UK) म॑ सेंसर करलऽ गेलऽ छेलै?
चौदहवाँ लुई
... कि चौदहवाँ लुई(चित्रित) केरौ माय नँ ओकरा विश्वास देलैलकै कि हुनको राज भगवान केरौ इच्छा छेकै?
... कि ऑलिवर क्रॉमवेल क बीबीसी पोल मँ दस महानतम ब्रिटिश लोगौ मँ सँ एक के रूप मँ चुनलौ गेलौ छेलै?
अपुलेयस (Apuleius ), जेकरो नाँव Lucius Apuleius Madaurensis (लुसियस अपुलेयस मदाउरेन्सिस) (लगभग १२४ सँ १७० के बाद) भी छेलै, एगो नूमिडियन लैटिन भाषा के गद्य लेखक, प्लेटोवादी दार्शनिक आरू वक्ता (rhetorician) छेलै। ऊ रोमन प्रांत नूमिडिया के मदाउरोस (जेकरा आधुनिक समय मँ M'Daourouch, अल्जीरिया कहलौ जाय छै) नामक बर्बर शहर मँ जनमलऽ छेलै। ऊ एथेंस मँ प्लेटो के दर्शन के पढ़ाई करलकै, इटली, एशिया माइनर आरू मिस्र (Egypt) के यात्रा करलकै, आरू कईएक पूजा या रहस्यवाद (cults or mysteries) के आरंभकर्ता बनलै। ओकरो जीवन के सबसँ प्रसिद्ध घटना ई छेलै कि ओकरा प॑ एगो धनवान विधवा के ध्यान (आरू ओकरऽ धन) पाबै लेली जादू (magic) करै के आरोप लगलो छेलै। ऊ ओईआ (आधुनिक त्रिपोली, लीबिया) के पास सबराथा मँ आयोजित एगो अदालत आरू प्रोकोंसल (proconsul) के सामने अपनो बचाव करलकै आरू ओकरा वितरित करलकै। ई घटना अपोलोजीया (Apologia) के नाम सँ जानलऽ जाय छै। ओकरो सबसँ मशहूर रचना छै ओकरऽ अश्लील पिकाक्रेस्क उपन्यास 'द मेटामॉरफ़ोसिस', जेकरा 'द गोल्डन ऐस' नाम स॑ भी जानलो जाय छै। ई एगो एकमात्र लैटिन उपन्यास छेकै जे पूरा तरह स॑ बचलो छै।
अंगिका भाषा(Angika Language) केरो वू सबसँ छोटो या लघुतम इकाई क वर्ण कहलौ जाय छै, जेकरा आरू जादा खंडित नै करलौ जाबै पारअ । कोय भी भाषा क बोलै लेली प्रयुक्त होय वाला वू मूल ध्वनि क ही वर्ण कहै छै जेकरा आरू तोड़लो नै जाबै सकै छै ।
लेखन व टाइपिंग मँ सहूलियत केरो दृष्टि सँ निम्नांकित तरीका सँ सरलीकृत अंगिका के उपयोग करलो जाय छै:
(i) अ॑ केरो जग्घो प खाली अ केरो मात्रा के प्रयोग करलो जाय छै । उदाहरण: (हिन्दी: पैदल चल कर जाएँगें ) क अंगिका भाषा मँ ई तरह सँ लिखलो जाबै सकै छै:: बूली क' जैबै केरो जग्घो प बूली क जैबै
(ii) अऽ केरो जग्घो प खाली औ केरो मात्रा के प्रयोग करलो जाय छै । उदाहरण: (हिन्दी: खाना खाने के लिए चलो ) क अंगिका भाषा मँ ई तरह सँ लिखलो जाबै सकै छै: खाना खाय ल' चलऽ की जगह पर खाना खाय ल चलौ